"सफाई की जरूरत हर ओर। "
"कहते हैं मन चंगा तो कठौती में गंगा "
देख कर सुखद अनुभूति हो रही है की आज देश में सफाई अभियान जोर शोर से चल रहा कचरे और कबारों का , पर मैं माननीय प्रधानमंत्री जी का ध्यान उस ओर भी दिलाना चाहता हूँ जहाँ की सफाई की अत्यंत आवश्यकता है।
१) गन्दी और कलंकित होती राजनीती जिसमें की अपराधियो,बाहुबलियों,पैसे वालो, भ्रष्टाचारियों ,दंगाईयो, का बोलबाला और दिनों दिन बढ़ता जा रहा है।
२ ) भ्रष्टाचार में आकंठ डूबा हमारा प्रशासनिक अमला।
३ ) अध्यात्म में बढ़ते बलात्कारियों ,जेहादियों का वर्चस्व जो समाज के भावुक लोगो को फांसकर उनको लूटते और बर्बाद करते हैं।
४ ) चुनाव में पैसे वालों की दावेदारी में बढ़ोतरी।
५ ) मीडिया की भी नियमन की जरुरत।
६ ) भ्रष्टाचार और लेटलतीफी का अड्ड़ा बन चुकी हमारी न्याय प्रणाली जिसका की सफाई अतिआवश्यक है।
७ ) गरीबों और जरूरतमंद लोगों का इलाज करने में असफ़ल हमारी चिकित्सा व्यवस्था से भी लालची डॉक्टरों की सफाई भी आवश्यक है ।
८ ) भ्रष्टाचार का अड्डा बन चुके हमारे पुलिस थाने।
९ )खेलों में भी नियमन की जरुरत जिसमे की नेताओं, अभिनेताओं ,कारोबारियों की बढ़ती सक्रियता ने इसे भी भ्रष्टाचार और अय्याशी का अड्डा बना दिया है। ipl में मैच फिक्सिंग ने कितने प्रसंसको का दिल और विश्वास को तोरा।
कुछ नहीं मन साफ़ करना प्राथमिकता होनी चाहिए,हर समस्या का हल मिल जाएगा। अगर मन साफ़ हो जाए तो हम न गंदगी फैलाएंगे न राह चलते मलमूत्र का त्याग करेंगे। इन सारी समास्यो का हल कर दिया जाय तभी स्वक्ष और अतुल्य भारत का सपना साकार हो सकेगा।
देख कर सुखद अनुभूति हो रही है की आज देश में सफाई अभियान जोर शोर से चल रहा कचरे और कबारों का , पर मैं माननीय प्रधानमंत्री जी का ध्यान उस ओर भी दिलाना चाहता हूँ जहाँ की सफाई की अत्यंत आवश्यकता है।
१) गन्दी और कलंकित होती राजनीती जिसमें की अपराधियो,बाहुबलियों,पैसे वालो, भ्रष्टाचारियों ,दंगाईयो, का बोलबाला और दिनों दिन बढ़ता जा रहा है।
२ ) भ्रष्टाचार में आकंठ डूबा हमारा प्रशासनिक अमला।
३ ) अध्यात्म में बढ़ते बलात्कारियों ,जेहादियों का वर्चस्व जो समाज के भावुक लोगो को फांसकर उनको लूटते और बर्बाद करते हैं।
४ ) चुनाव में पैसे वालों की दावेदारी में बढ़ोतरी।
५ ) मीडिया की भी नियमन की जरुरत।
६ ) भ्रष्टाचार और लेटलतीफी का अड्ड़ा बन चुकी हमारी न्याय प्रणाली जिसका की सफाई अतिआवश्यक है।
७ ) गरीबों और जरूरतमंद लोगों का इलाज करने में असफ़ल हमारी चिकित्सा व्यवस्था से भी लालची डॉक्टरों की सफाई भी आवश्यक है ।
८ ) भ्रष्टाचार का अड्डा बन चुके हमारे पुलिस थाने।
९ )खेलों में भी नियमन की जरुरत जिसमे की नेताओं, अभिनेताओं ,कारोबारियों की बढ़ती सक्रियता ने इसे भी भ्रष्टाचार और अय्याशी का अड्डा बना दिया है। ipl में मैच फिक्सिंग ने कितने प्रसंसको का दिल और विश्वास को तोरा।
कुछ नहीं मन साफ़ करना प्राथमिकता होनी चाहिए,हर समस्या का हल मिल जाएगा। अगर मन साफ़ हो जाए तो हम न गंदगी फैलाएंगे न राह चलते मलमूत्र का त्याग करेंगे। इन सारी समास्यो का हल कर दिया जाय तभी स्वक्ष और अतुल्य भारत का सपना साकार हो सकेगा।
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